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ट्रेड मैनेजमेंट:- स्टॉक कब, कहाँ , कितना ले और बेचे।

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दोस्तों वैसे तो किसी स्टॉक को खरीदना और बेचना बहुत ही आसान होता है पर उस स्टॉक को अपने पास लम्बे समय तक रखना और मैनेज करते रहना बहुत ही मुश्किल काम होता है, ट्रेडिंग के लिए जो सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है वो है ट्रेड को मैनेज करना तो आइये समझते है ट्रेड या स्टॉक को लेने के बाद उसे कबतक रखे, कितना रखे और कब बेचे अर्थात ट्रेड मैनेजमेंट कैसे करे।  दोस्तों ट्रेड मैनेजमेंट के लिए जो पहला सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है वो है ट्रेड का चुनाव करना, ट्रेड के चुनाव के लिए आपको फंडामेंटल या टेक्निकल समझ होनी चाहिए, हलाकि मै ट्रेड के चुनाव के लिए जिस टूल्स का इस्तेमाल करता हूँ वो है टेक्निकल एनालिसिस इसलिए मै यहाँ टेक्निकल के ऊपर ही बात करूँगा।  तो मै जिस तरह के टेक्निकल स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल स्टॉक का चुनाव करने के लिए करता हूँ वो है "महंगा खरीदो और महंगा बेचो" जिसके बारे में मैं पिछले ब्लॉग में बात कर चूका हूँ, आपसे गुजारिश है कृपया मेरे पिछले ब्लॉग को भी पढ़े।  पिछले ब्लॉग के लिए क्लिक करे।   अब आप समझ गए होंगे की मै किस तरह से स्टॉक को चुनता हूँ। (आप अन्य तरीके से भी स्टॉक चुन...

पोर्टफोलियो कैसे बनाए ?

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दोस्तों जब मार्केट ऊपर जाती है तो कुछ स्टॉक काफी बेहतर प्रदर्शन करते है तो कुछ स्टॉक बहुत ही ख़राब; इसलिए मार्किट में अच्छे स्टॉक का चुनाव करना बहुत ही जरुरी हो जाता है इसलिए हमें सबसे ज्यादा जोड़ अपने पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने पर देना होगा क्युकी अगर हमारा पोर्टफोलियो बेहतर होगा तो मार्केट के चलने पर हमें बहुत ही भयंकर फायदा होगा।  दोस्तों हमें अपने पोर्टफोलियो में ऐसे स्टॉक को रखना होगा जिससे की हमारा पोर्टफोलियो सुरक्षित रहे वो मार्केट के चलने पर ज्यादा चले और गिरने पर काफी कम गिरे।  तो अब सवाल आता है की एक बेहतर पोर्टफोलियो कैसे बनाए, आइये समझते है।  दोस्तों जब भी आप अपने घर में पड़े सामानो को देखेंगे तो पाएंगे की उन सामानो को कोई न कोई कंपनी बनाती है तो अब आप ये देखे की क्या वो कंपनी स्टॉक मार्केट पर उपलब्ध है अगर है तो आप उसके कुछ स्टॉक खरीद कर अपने पास रख ले, इसी तरह आप अपने चारो ओर देखे और समझे की कौन कौन सी चीजे है जिसका इस्तेमाल लोग ज्यादा करते है उन कंपनियों के स्टॉक खरीद कर अपने पास रख ले और ध्यान रहे की कभी भी 5 प्रतिशत से ज्यादा पैसे किसी एक स्टॉक में नहीं लगा...

नए लोग शेयर मार्केट में शुरुआत कैसे करे ?

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आजकल हमें सोशल मीडिया के द्वारा बहुत सारे सवाल आये जिनमे यह सवाल बहुत बार पूछा गया।  दोस्तों पिछले कुछ महीनो या सालो की बात करें तो हमारे भारतीय शेयर बाजार में कई सारे नए लोग आये है जो की हमारे लिए बहुत ही अच्छी बात है, इस वजह से हमें अब विदेश के लोगो पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ेगा अब हमारी मार्केट भी आत्मनिर्भर मार्किट हो जाएगी। अब ऐसे में जरुरी है की हम इस मार्केट को अच्छे से सीखे और अपने देश की अर्थव्यवस्था में अपना हाथ बटाये।  दोस्तों वैसे तो इस मार्किट में शुरुआत करने के कई रास्ते है पर उनमे जो हमें सबसे बेहतर लगता है मै वो आपको बताता हूँ।  जैसा की आप मार्किट में आ रहे है तो इसके लिए आपके पास पैसे तो होने ही चाहिए पर साथ में ज्ञान भी होनी चाहिए और इस मार्किट में पैसे कमाने से ज्यादा जरुरी पैसे को बचाना और मार्किट में लम्बे समय तक बने रहना है जबतक आप मार्किट में कम से कम में 2 से 3 साल नहीं देते तबतक आप इसमें अच्छे से काम नहीं कर पाएंगे। इसलिए यहाँ कमाने से ज्यादा टिके रहना जरुरी है अर्थात लॉस को कण्ट्रोल में रखे और प्रॉफिट को बढ़ाते रहे।  अब आपके पास जो भी पैसे...

इंट्राडे ट्रेडिंग इतना मुश्किल क्यों, क्या हम कर सकते है ?

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इंट्राडे ट्रेडिंग एक ऐसी ट्रेडिंग है जिसमे आप किसी स्टॉक को जिस दिन खरीदते है उसी दिन बेचते है। इसे करने के लिए आपको कम पैसे में ज्यादा स्टॉक मिल जाते है और शायद यही वजह है की ज्यादातर लोग इसे करना चाहते है।  आजकल मै जो भी नए ट्रेडर को देखता हूँ उनका बस एक ही ख्वाहिश होती है की इंट्राडे ट्रेडिंग करू और जल्दी से अमीर बन जाऊ। दोस्तों ये मार्किट जितना सीधा दिखता है न असल में उतना है नहीं। इंट्राडे ट्रेडिंग किसी गाड़ी को 150 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलाने जैसा है। दोस्तों जिस तरह कोई गाड़ी अगर धीरे से चलती है तो ड्राइवर को उस गाड़ी को कण्ट्रोल करना आसान होता है क्युकी अगर उनके आगे कोई भी दूसरी गाड़ी या चीजे आती है तो उनके पास सोचने और समझने के लिए काफी वक्त रहता है जिसकी वजह से वो बहुत ही अच्छा फैसला ले पाते है और किसी भी तरह के दुर्घटना से बच जाते है। अगर वही उसकी गाड़ी की स्पीड ज्यादा होगी तो उन्हें सोचने समझने के लिए काफी कम समय मिलेगी जिसकी वजह से जल्दबाजी में फैसले लेंगे और दुर्घटनाग्रस्त हो जाएंगे। इसलिए इंट्राडे ट्रेडिंग बहुत ही तेजी वाला खेल होता है यहाँ पर फैसले बहुत ही जल्द...

बुल मार्किट का चरित्र और लक्षण

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दोस्तों कहते है की अगर किसी को ट्रेडिंग में सफल होना हो तो सबसे पहले उसे ट्रेंड को समझने की आवश्यकता है बिना ट्रेंड को समझे कोई भी ट्रेड करेगा तो उन्हें नुकसान होना तय है।  अब ट्रेंड को समझने से पहले आपको मार्किट को समझना होगा, आपको ये समझना होगा की वर्तमान में मार्किट किस तरह की है वो बुल है या बेयर जब आप ये समझ लेते है तो फिर ट्रेंड को समझना आसान हो जाता है।  मार्किट की बात करे तो वो दो होते है पहला बुल और दूसरा बेयर और इनदोनो मार्किट में तीन तरह के ट्रेंड हो सकते है, अपट्रेंड , डाउन ट्रेंड और साइडवेज। बुल मार्किट हो या बेयर मार्किट ये बहुत ही सालो तक चलता है. और इनके चलने की एक अलग ही पहचान या चरित्र होते है आप आसपास हो रहे चीजों के अनुसार बुल या बेयर मार्किट का पता लगा सकते है और आप फिर आसानी से ट्रेड कर सकते है।  दोस्तों जब बुल मार्किट की शुरुआत हो रही होती है तो उस समय सारी चीजे बहुत ही ख़राब होती है कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा होता है, हर जगह बस निराशा ही निराशा नजर आती है लोग परेशान होते है, कम्पनिया लोस्स में चल रही होती है, हर समय बस यही सुनाई देता है की मानो सबकुछ ...

आने वाले समय में कैसी रह सकती है वैश्विक मार्किट

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दोस्तों वर्तमान समय में आप देख रहे होंगे की जब भी हमें अपनी या दूसरे देशों के मार्किट के बारे में बात करना हो तो हम अमेरिकी मार्किट को बहुत ही ज्यादा महत्व देते है और ये अमरीकी मार्किट की महत्वतता पिछले 10 या 12 सालो से चली आ रही है और आज किसी भी न्यूज़ को देख लो वो ज्यादातर अमेरिकी मार्किट की बात करेंगे और ऐसा दिखाएंगे जैसे की अमेरिका के बिना तो किसी देश का चल पाना संभव ही नहीं है। आज भी ज्यादातर लोग अपनी मार्किट को देखने से पहले डोव या नैसडैक को देखते है।  1.क्या इस तरह अमरीकी मार्किट को देखकर अपने मार्किट में बारे में किसी तरह की बात करना सही है? 2.क्या ऐसा नहीं हो सकता की हमारी मार्किट अब पूरी तरह से आत्मनिर्भर है उन्हें दुसरो को देखने की जरुरत नहीं ? 3.क्या ऐसा नहीं हो सकता की अमेरिकी मार्किट की जगह अब कोई ओर मार्किट ले सकता है? दोस्तों आपमें से ज्यादातर लोग कभी भी इस तरह के सवाल तक नहीं पहुंच पाते है हम बस वही सुनते है जो हमें बस न्यूज़ के माध्यम से बताया जाता है, मेरा ये कहना बिलकुल भी नहीं है की आप न्यूज़ न देखे, न्यूज़ देखे वो जरुरी है क्युकी वही से आपको जानकारी मिलेगी पर न्यू...

किस तरह की स्टॉक या सेक्टर में काम करना हमारे लिए फायदेमंद रह सकता है

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दोस्तों वैसे तो ये दुनिया बहुत ही गतिशील है जिसकी वजह से चीजे इतनी जल्दी - जल्दी बदल जाती है की इसमें किसी एक तरह की सेक्टर या स्टॉक को 5 साल के लिए रखना बहुत ही नुकसान दायक साबित हो सकता है।  आप देख सकते है कि पिछले कुछ सालो में कितना कुछ बदल गया है जो आज से 2 से 3 साल पहले चल रही थी आज उसकी कोई महत्व नहीं रह गयी है, जब कोरोना नहीं आयी थी तो हम ज्यादातर काम ऑफिस से करते और आज हम अपना काम घर से भी कर रहे है तो पहले जो हम अपने घर से ऑफिस जाते थे उसमे हम जिन चीजों का इस्तेमाल करते थे वो हमने इस्तेमाल करना काफी कम कर दिया जिसकी वजह से जो कंपनी उन चीजों को बनाती थी उनको अब पैसे मिलने बंद हो गए या कम हो गए इसलिए हम कभी भी किसी स्टॉक को लेकर ज्यादा लम्बे समय तक नहीं चल सकते हमें समय के साथ सेक्टर या स्टॉक को बदलने की जरुरत है।  आज आप देख रहे है की किस तरह गाड़िया जो है वो इलेक्ट्रिकल हो रही है तो जो पहले गाड़ी पेट्रोल या डीजल से चलती थी वो बंद हो जाएगी अर्थात जो कम्पनिया आज भी तेल वाली गाड़ी बना रहे है उनके स्टॉक नहीं चलेंगे उन्हें खुद को अपडेट करना होगा इसलिए आप ये देखे की कौन - कौन क...

भारत पर क्या असर पड़ेगा रूस - यूक्रेन युद्ध का

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दोस्तों जब इंसान की उत्पति हुई तो उन्होंने शुरुआत से ही धीरे धीरे कई सारी चीजों को सीखना और बनाना शुरू कर दिया, इन्होने एक समाज बनाई और फिर धीरे धीरे ये समाज कब अलग अलग देश बन गया ये पता ही नहीं चला।  वर्षो से इंसान के अंदर एक ऐसी चीजों चली आ रही है जिसे हम लालच और भय कहते है और यही दो ऐसी चीजे है जो अक्सर इंसान को इंसान से अलग करता है और कभी कभी ये भय और लालच इतना ज्यादा हो जाता है की यह एक बहुत बड़े युद्ध का रूप ले लेता है।  ठीक इसी तरह का कार्य इन दिनों चल रहा है जो की हम रूस और यूक्रेन के रूप में देख रहे है, वैसे ये युद्ध शुरू कैसे हुआ इनके बारे में ज्यादा जानकारी तो नहीं है पर जहाँ तक हमें पता है की इस युद्ध के लिए सबसे बड़ा जिम्मेदार कोई है तो वो अमेरिका ही है क्युकी इन्होने ने ही अपनी राजनीती से यूक्रेन को भड़काया है और आज अमेरिका भी बहुत बड़ी मार झेल रहा है।  अब जब कोई चीजे शुरू होती है तो उनके बारे में ज्यादा कुछ कह पाना संभव नहीं होता है जैसे की जब रूस और यूक्रेन के बीच बहस चल रही थी तो किसी को ज्यादा कुछ नहीं पता था और किसी को भी नहीं पता था की बाते यहाँ तक बढ़ेगी त...